शेयर बाजार में स्विंग ट्रेडिंग के रणनीतियाँ (Swing Trading Strategies in Stock Market)

by | Jan 4, 2024 | 0 comments

Table of Contents

स्विंग ट्रेडिंग क्या है? (What is Swing Trading?)

शेयर बाजार में निवेश के कई तरीके हैं, और स्विंग ट्रेडिंग उनमें से एक लोकप्रिय तरीका है। स्विंग ट्रेडिंग एक प्रकार की ट्रेडिंग शैली है जिसमें निवेशक शेयरों या अन्य प्रकार के सिक्योरिटीज़ में छोटे या मध्यम अवधि के लिए निवेश करते हैं। इस तरीके का मुख्य उद्देश्य बाजार के छोटे-छोटे उतार-चढ़ाव से लाभ कमाना है।

स्विंग ट्रेडर्स आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक अपनी पोजीशन को बनाए रखते हैं। उनका उद्देश्य बाजार की दीर्घकालिक प्रवृत्तियों के बजाय अल्पकालिक मूल्य गतिविधियों से लाभ प्राप्त करना होता है।

स्विंग ट्रेडिंग की सफलता काफी हद तक बाजार के विश्लेषण पर निर्भर करती है। इसमें तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करके उन शेयरों की पहचान की जाती है जिनमें अल्पकालिक में मूल्य वृद्धि की संभावना होती है।

स्विंग ट्रेडिंग करते समय, जोखिम प्रबंधन भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह सुनिश्चित करना कि आप जितना निवेश कर रहे हैं, उससे ज्यादा का जोखिम न उठाएं, यह स्विंग ट्रेडिंग की सफलता के लिए आवश्यक है।

अंत में, स्विंग ट्रेडिंग में धैर्य और सही समय की प्रतीक्षा करना महत्वपूर्ण होता है। यह निवेश का ऐसा तरीका है जिसमें सही अवसर पर सही निर्णय लेना पड़ता है, और इसके लिए बाजार की गहरी समझ और अनुभव की आवश्यकता होती है।

स्विंग ट्रेडिंग की मूल बातें (Basics of Swing Trading)

स्विंग ट्रेडिंग की मूल बातों को समझना इसे करने की पहली सीढ़ी है। यह ट्रेडिंग का वो तरीका है जहां ट्रेडर्स बाजार में होने वाले छोटे और मध्यम अवधि के परिवर्तनों से लाभ कमाने की कोशिश करते हैं। आइए जानते हैं इसकी कुछ मूल बातें:

  • समय अवधि:

    स्विंग ट्रेडिंग में, निवेश की अवधि आमतौर पर कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक होती है। यह दिन के ट्रेडर्स से अलग होता है, जो एक ही दिन में खरीदने और बेचने के सौदे करते हैं।

  • बाजार के रुझानों का अध्ययन:

    स्विंग ट्रेडिंग में सफलता के लिए बाजार के रुझानों का गहन अध्ययन आवश्यक होता है। ट्रेडर्स को बाजार के उतार-चढ़ाव को समझने और उनका लाभ उठाने की क्षमता होनी चाहिए।

  • तकनीकी विश्लेषण:

    स्विंग ट्रेडिंग में, तकनीकी विश्लेषण का बहुत महत्व होता है। यह चार्ट्स और अन्य तकनीकी संकेतकों का उपयोग करके शेयर की कीमतों के भविष्य के रुझानों को समझने का तरीका है।

  • जोखिम प्रबंधन:

    स्विंग ट्रेडिंग में जोखिम प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण कारक है। इसमें नुकसान को सीमित करने के लिए सही स्तर पर स्टॉप लॉस सेट करना और जोखिम को संतुलित करना शामिल है।

  • सही शेयर का चुनाव:

    स्विंग ट्रेडिंग में सही शेयर का चयन करना भी बहुत जरूरी है। इसमें उन शेयरों की पहचान करना शामिल है जिनमें अच्छी वृद्धि की संभावना हो।

  • धैर्य और अनुशासन:

    स्विंग ट्रेडिंग में धैर्य और अनुशासन बहुत जरूरी हैं। यह बाजार की गतिविधियों पर ध्यान देने और सही समय पर सही निर्णय लेने की कला है।

इन मूल बातों को समझने से आप स्विंग ट्रेडिंग की दुनिया में अधिक सफलतापूर्वक प्रवेश कर सकते हैं और इसे एक प्रभावी निवेश रणनीति के रूप में अपना सकते हैं।

टॉप स्विंग ट्रेडिंग रणनीतियाँ 

स्विंग ट्रेडिंग में सफल होने के लिए कुछ विशेष रणनीतियाँ होती हैं जो ट्रेडर्स को बाजार की गतिविधियों का लाभ उठाने में मदद करती हैं। यहां कुछ प्रमुख स्विंग ट्रेडिंग रणनीतियाँ दी जा रही हैं:

  • ट्रेंड फॉलोइंग:

    इस रणनीति में, ट्रेडर्स उस दिशा में ट्रेड करते हैं जिस दिशा में बाजार जा रहा होता है। अगर बाजार ऊपर की ओर जा रहा हो तो खरीदना और अगर नीचे जा रहा हो तो बेचना।

  • सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स:

    इस रणनीति में, ट्रेडर्स उन स्तरों की पहचान करते हैं जहां कीमतें आमतौर पर उलट जाती हैं। सपोर्ट लेवल वो स्तर होता है जहां कीमतें गिरने के बाद स्थिर हो जाती हैं और रेजिस्टेंस लेवल वो स्तर होता है जहां कीमतें बढ़ने के बाद रुक जाती हैं।

  • मूविंग एवरेजेस:

    यह रणनीति मूविंग एवरेजेस का उपयोग करती है, जो शेयर की कीमतों के औसत को दर्शाता है। ट्रेडर्स अलग-अलग समय अवधि के मूविंग एवरेजेस की तुलना करके ट्रेडिंग के निर्णय लेते हैं।

  • ब्रेकआउट रणनीतियाँ:

    इस रणनीति में, ट्रेडर्स कीमतों के एक निश्चित सीमा से बाहर निकलने की प्रतीक्षा करते हैं। जब कीमतें एक स्थिर सीमा से ऊपर या नीचे जाती हैं, तो वे ट्रेड करते हैं।

  • रिवर्सल ट्रेडिंग:

    यह रणनीति तब इस्तेमाल की जाती है जब बाजार की दिशा बदलने वाली होती है। ट्रेडर्स बाजार के रुझान को उलटने के संकेतों की तलाश करते हैं और उसी के अनुसार ट्रेड करते हैं।

  • वॉल्यूम एनालिसिस:

    इस रणनीति में, ट्रेडर्स वॉल्यूम, यानि कि किसी शेयर के कितने शेयर खरीदे या बेचे जा रहे हैं, का विश्लेषण करते हैं। अधिक वॉल्यूम यह संकेत दे सकता है कि एक बड़ा मूवमेंट होने वाला है।

ये रणनीतियाँ स्विंग ट्रेडिंग में अपनाई जा सकती हैं और इनका उद्देश्य बाजार के छोटे-मध्यम अवधि के उतार-चढ़ाव से लाभ उठाना होता है।

तकनीकी विश्लेषण: स्विंग ट्रेडर्स का उपकरण

तकनीकी विश्लेषण स्विंग ट्रेडिंग में एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। यह शेयर बाजार में ट्रेडिंग के फैसले लेने में ट्रेडर्स की मदद करता है। आइए इसके कुछ मुख्य पहलुओं को समझें:

  • क्या है तकनीकी विश्लेषण?

    तकनीकी विश्लेषण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें शेयरों के मूल्य और मात्रा के ऐतिहासिक डाटा का अध्ययन करके भविष्य के मूल्य आंदोलनों का अनुमान लगाया जाता है। इसमें चार्ट्स और विभिन्न प्रकार के तकनीकी संकेतकों का उपयोग होता है।

  • चार्ट्स का महत्व:

    चार्ट्स, जैसे कि बार चार्ट, लाइन चार्ट और कैंडलस्टिक चार्ट, शेयर की कीमतों के उतार-चढ़ाव को दिखाते हैं। ये चार्ट्स ट्रेडर्स को शेयर के व्यवहार को समझने और भविष्य की कीमतों का अनुमान लगाने में मदद करते हैं।

  • तकनीकी संकेतक:

    विभिन्न प्रकार के तकनीकी संकेतक, जैसे कि मूविंग एवरेज, आरएसआई (Relative Strength Index), और मैकडी (MACD), ट्रेडर्स को शेयर के ट्रेंड, मोमेंटम, और वोलेटिलिटी को समझने में मदद करते हैं। इनका इस्तेमाल करके ट्रेडर्स बेहतर ट्रेडिंग निर्णय ले सकते हैं।

  • तकनीकी विश्लेषण का उपयोग:

    तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करके ट्रेडर्स प्रवेश और निकासी के लिए सही समय का निर्धारण कर सकते हैं। यह उन्हें जोखिम को कम करने और लाभ बढ़ाने में सहायक होता है।

  • सीखने और अनुभव का महत्व:

    तकनीकी विश्लेषण सीखने में समय और अभ्यास लगता है। इसे समझने और प्रयोग करने में अनुभव और ज्ञान का बहुत महत्व होता है।

तकनीकी विश्लेषण स्विंग ट्रेडिंग में एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है, जो ट्रेडर्स को बाजार की गतिविधियों को समझने और उनका सही तरीके से लाभ उठाने में मदद करता है।

जोखिम प्रबंधन: स्विंग ट्रेडिंग में सफलता का महत्वपूर्ण हिस्सा

जोखिम प्रबंधन शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते समय बहुत महत्वपूर्ण होता है, खासकर स्विंग ट्रेडिंग में। यह सुनिश्चित करता है कि निवेशक बड़े नुकसान से बच सकें। आइए जानते हैं इसके कुछ महत्वपूर्ण पहलू:

  • जोखिम की पहचान:

    सबसे पहले, ट्रेडर्स को जोखिम को पहचानना चाहिए। यह जानना जरूरी है कि प्रत्येक ट्रेड में कितना जोखिम हो सकता है और इसे कैसे संभाला जाए।

  • स्टॉप लॉस का उपयोग:

    स्टॉप लॉस एक ऐसा उपकरण है जो ट्रेडर्स को अधिक नुकसान होने से बचाता है। यह एक पूर्व-निर्धारित कीमत पर शेयर बेचने का आदेश होता है, जिससे कि अधिक नुकसान न हो।

  • पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन:

    विभिन्न प्रकार के शेयरों में निवेश करके जोखिम को कम किया जा सकता है। इसे पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन कहते हैं। यह बाजार के एक हिस्से में गिरावट आने पर नुकसान को सीमित करता है।

  • पूंजी प्रबंधन:

    स्विंग ट्रेडिंग में सफलता के लिए पूंजी प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करना कि एक ही ट्रेड में सारी पूंजी न लगा दी जाए, इससे बड़े जोखिम से बचा जा सकता है।

  • अनुभव और सीख:

    जोखिम प्रबंधन में अनुभव और सीख भी शामिल है। बाजार के अनुभव से सीखते हुए, ट्रेडर्स बेहतर जोखिम प्रबंधन करना सीख सकते हैं।

  • संतुलित दृष्टिकोण:

    स्विंग ट्रेडिंग में लाभ कमाने के साथ-साथ जोखिम को संतुलित करना भी जरूरी है। इससे ट्रेडर्स दीर्घकालिक रूप से सफल हो सकते हैं।

जोखिम प्रबंधन स्विंग ट्रेडिंग में सफलता की कुंजी है। यह न केवल नुकसान को सीमित करता है, बल्कि ट्रेडिंग की सुरक्षा और विश्वास भी बढ़ाता है।

स्विंग ट्रेडिंग में सामान्य गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय

स्विंग ट्रेडिंग में सफलता प्राप्त करना अक्सर कुछ सामान्य गलतियों के बचाव पर निर्भर करता है। यहां कुछ ऐसी ही गलतियां और उनसे बचने के तरीके दिए गए हैं:

  • बिना योजना के ट्रेडिंग:

    कई नए ट्रेडर्स बिना किसी ठोस योजना के ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं। इससे बचने के लिए, हमेशा एक स्पष्ट ट्रेडिंग योजना बनाएं और उसका पालन करें।

  • अधिक जोखिम लेना:

    जोखिम को नियंत्रित न करना एक बड़ी गलती हो सकती है। हमेशा उतना ही निवेश करें, जितना खोने की आप सहन कर सकते हैं।

  • भावनाओं का प्रभाव:

    भावनाओं को ट्रेडिंग के फैसलों पर हावी होने देना नुकसानदायक हो सकता है। लालच और डर से बचें और तथ्यों व डेटा पर आधारित निर्णय लें।

  • अनुसंधान की कमी:

    पर्याप्त शोध न करना भी एक आम गलती है। हमेशा बाजार, संबंधित शेयरों और उद्योगों का गहन अध्ययन करें।

  • स्टॉप लॉस का अनुचित उपयोग:

    स्टॉप लॉस निर्धारित न करना या उसे बहुत जल्दी या देर से लगाना, दोनों ही नुकसानदायक हो सकते हैं। स्टॉप लॉस का सही उपयोग करें।

  • बाजार के प्रति अति आत्मविश्वास:

    बाजार के बारे में अत्यधिक आत्मविश्वास भी नुकसान की ओर ले जा सकता है। बाजार का सम्मान करें और सतर्क रहें।

  • लगातार सीखने का अभाव:

    ट्रेडिंग में सफलता के लिए निरंतर सीखना और अपडेट रहना जरूरी है। बाजार के रुझानों, नए उपकरणों और रणनीतियों के बारे में जानकारी रखें।

इन आम गलतियों से बचकर, स्विंग ट्रेडिंग में आपकी सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ये उपाय न सिर्फ नुकसान को कम करते हैं, बल्कि आपको एक अधिक विचारशील और अनुशासित ट्रेडर बनने में मदद करते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग संसाधन और टूल्स 

स्विंग ट्रेडिंग में सफलता के लिए सही संसाधन और टूल्स का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। यहां कुछ महत्वपूर्ण संसाधन और टूल्स दिए गए हैं, जिनका उपयोग स्विंग ट्रेडर्स कर सकते हैं:

  • बाजार अनुसंधान प्लेटफॉर्म्स:

    बाजार के विश्लेषण के लिए विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे कि Bloomberg, Yahoo Finance, और Google Finance उपयोगी होते हैं। ये प्लेटफॉर्म्स शेयरों के मूल्य, वॉल्यूम, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं।

  • चार्टिंग सॉफ्टवेयर:

    तकनीकी विश्लेषण के लिए चार्टिंग सॉफ्टवेयर जैसे कि TradingView या MetaTrader बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये टूल्स विभिन्न प्रकार के चार्ट्स और तकनीकी संकेतकों का उपयोग करके बाजार के विश्लेषण में मदद करते हैं।

  • शैक्षिक संसाधन:

    स्विंग ट्रेडिंग के बारे में सीखने के लिए विभिन्न ऑनलाइन कोर्सेज, वेबिनार, और किताबें उपलब्ध हैं। Udemy, Coursera जैसी वेबसाइट्स पर ट्रेडिंग से संबंधित कई कोर्स मिल सकते हैं।

  • समाचार और विश्लेषण सेवाएं:

    बाजार के रुझानों पर नजर रखने के लिए फाइनेंशियल टाइम्स, इकनॉमिक टाइम्स जैसी समाचार सेवाएं और विश्लेषण सेवाएं महत्वपूर्ण होती हैं।

  • डेमो ट्रेडिंग खाते:

    वास्तविक पैसे का जोखिम उठाने से पहले, डेमो ट्रेडिंग खातों का उपयोग करके अभ्यास करना उपयोगी होता है। ये खाते वास्तविक बाजार की स्थितियों का अनुकरण करते हैं।

  • सोशल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स:

    सोशल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे eToro या ZuluTrade ट्रेडर्स को अनुभवी ट्रेडर्स की रणनीतियों को फॉलो करने और सीखने का मौका देते हैं।

ये संसाधन और टूल्स स्विंग ट्रेडिंग में आपके अनुभव को समृद्ध और सफल बना सकते हैं। उचित उपयोग और जानकारी के साथ, ये आपको बेहतर ट्रेडिंग निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए बाजार का विश्लेषण कैसे करें

स्विंग ट्रेडिंग में सफलता के लिए बाजार का सही विश्लेषण करना बेहद आवश्यक है। यहां कुछ महत्वपूर्ण चरण दिए गए हैं जो इस प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं:

  • बाजार के रुझानों की पहचान:

    सबसे पहले, वर्तमान बाजार रुझानों की पहचान करें। यह जानें कि बाजार उत्थान की अवस्था में है या मंदी की। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार के शेयरों में निवेश करना बेहतर होगा।

  • तकनीकी विश्लेषण का उपयोग:

    बाजार के विश्लेषण के लिए तकनीकी विश्लेषण टूल्स जैसे चार्ट्स और तकनीकी संकेतकों का उपयोग करें। इससे आपको शेयरों के मूल्य आंदोलनों और संभावित प्रवृत्तियों की समझ में मदद मिलेगी।

  • समाचार और घटनाओं पर नजर रखें:

    बाजार पर प्रभाव डालने वाले समाचारों और घटनाओं का अनुसरण करें। आर्थिक डेटा, कंपनी की रिपोर्ट्स, और वैश्विक घटनाएँ शेयर की कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं।

  • सेक्टर विश्लेषण:

    विभिन्न उद्योग क्षेत्रों और उनके प्रदर्शन का विश्लेषण करें। जानें कि कौन से सेक्टर उभर रहे हैं और कौन से मंदी का सामना कर रहे हैं।

  • वॉल्यूम और मूल्य विश्लेषण:

    ट्रेडिंग की मात्रा और शेयर की कीमतों में परिवर्तन का विश्लेषण करें। उच्च वॉल्यूम के साथ मूल्य परिवर्तन अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

  • रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी:

    बाजार का विश्लेषण करते समय, अपनी रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी को भी ध्यान में रखें। यह सुनिश्चित करें कि आप जोखिम को संभाल सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं।

इन चरणों का पालन करके आप स्विंग ट्रेडिंग के लिए बाजार का सही और प्रभावी विश्लेषण कर सकते हैं। यह न केवल बेहतर निवेश निर्णय लेने में मदद करेगा, बल्कि आपके जोखिम को भी कम करेगा।

सफल स्विंग ट्रेडर्स की कहानियाँ 

स्विंग ट्रेडिंग की दुनिया में सफलता प्राप्त करने वाले ट्रेडर्स की कहानियाँ नए और अनुभवी ट्रेडर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकती हैं। यहाँ कुछ प्रेरणादायक कहानियाँ और उनसे मिलने वाली सीख हैं:

  • अनुशासन और धैर्य की कहानी:

    कई सफल स्विंग ट्रेडर्स ने बताया है कि कैसे अनुशासन और धैर्य उनकी सफलता के मुख्य कारण रहे हैं। वे बाजार के रुझानों का इंतजार करते हैं और जल्दबाजी में फैसले नहीं लेते।

  • विस्तृत शोध की महत्वता:

    सफल स्विंग ट्रेडर्स की कहानियाँ यह भी दर्शाती हैं कि कैसे विस्तृत शोध और बाजार विश्लेषण ने उन्हें बेहतर निवेश निर्णय लेने में मदद की।

  • जोखिम प्रबंधन का कौशल:

    अधिकतर सफल स्विंग ट्रेडर्स यह बताते हैं कि कैसे जोखिम प्रबंधन उनके ट्रेडिंग अनुभव का एक अहम हिस्सा रहा है। वे संभावित नुकसान को सीमित करने के लिए स्टॉप लॉस और अन्य रणनीतियों का उपयोग करते हैं।

  • अनुभव से सीखने की यात्रा:

    अनेक ट्रेडर्स अपनी गलतियों से सीखने के महत्व को बताते हैं। उनकी कहानियाँ दिखाती हैं कि कैसे प्रारंभिक असफलताएँ अंततः उन्हें अधिक समझदार और सावधान ट्रेडर बनाती हैं।

  • टेक्नोलॉजी का सदुपयोग:

    आधुनिक तकनीक और टूल्स का सही इस्तेमाल करके कई स्विंग ट्रेडर्स ने बाजार का बेहतर विश्लेषण किया है और इससे उनकी सफलता में योगदान रहा है।

ये कहानियाँ न केवल प्रेरित करती हैं, बल्कि यह भी सिखाती हैं कि स्विंग ट्रेडिंग में सफलता विभिन्न कौशलों, जैसे कि धैर्य, शोध, जोखिम प्रबंधन, और निरंतर सीखने का परिणाम है।

स्विंग ट्रेडिंग: भविष्य की संभावनाएँ 

स्विंग ट्रेडिंग का भविष्य बहुत सारी संभावनाओं से भरा हुआ है, और यह ट्रेडिंग का एक लोकप्रिय रूप बना रहेगा। आइए जानते हैं इसके भविष्य की कुछ संभावनाएँ:

  • तकनीकी विकास:

    तकनीकी प्रगति के साथ, ट्रेडिंग टूल्स और प्लेटफॉर्म्स और अधिक उन्नत और सहज होते जा रहे हैं। इससे ट्रेडर्स को बाजार का विश्लेषण करने और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

  • बढ़ती जागरूकता और शिक्षा:

    लोगों में निवेश और ट्रेडिंग के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। इससे अधिक लोग स्विंग ट्रेडिंग की ओर आकर्षित होंगे और इसे सीखने के लिए तत्पर रहेंगे।

  • वैश्विक बाजारों का प्रभाव:

    वैश्विक बाजारों और आर्थिक घटनाओं का स्विंग ट्रेडिंग पर प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ट्रेडर्स के लिए वैश्विक घटनाओं पर नजर रखना और उनका विश्लेषण करना जरूरी होगा।

  • जोखिम प्रबंधन की महत्वता:

    बाजार की अनिश्चितताओं के कारण, जोखिम प्रबंधन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। ट्रेडर्स को अधिक सावधानी और समझदारी से निवेश करने की आवश्यकता होगी।

  • व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों का महत्व:

    व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप स्विंग ट्रेडिंग रणनीतियाँ बनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। ट्रेडर्स अपने वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश करेंगे।

  • नई रणनीतियों और अवसरों का विकास:

    बाजार की निरंतर बदलती परिस्थितियों के चलते नई रणनीतियाँ और ट्रेडिंग के अवसर विकसित होते रहेंगे, जिनका ट्रेडर्स लाभ उठा सकेंगे।

स्विंग ट्रेडिंग का भविष्य चुनौतियों और अवसरों से भरा हुआ है। ट्रेडर्स के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे खुद को निरंतर अपडेट रखें और बाजार के प्रति अपनी समझ को विकसित करते रहें।

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

17 + four =

Related Articles